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कांग्रेस के लिए किरनेश जंग एवं पवन कजल दूध की मक्खी ?

निर्दलीय विधायकों पर सस्पेंड की गिर सकती है गाज; किरनेश जंग और पवन कजल के लिए आगे कुंआ पीछे खांई जैसे स्थिति

शिमला। कांग्रेस सरकार में एसोसिएट सदस्य रहे निर्दलीय विधायकों पर सस्पेंड की गाज गिर सकती है जिसके पश्चात खासकर दो विधायकों की हालत दूध की मक्खी जैसी होने वाली हो जाएगी क्योंकि कांग्रेस संगठन और सरकार के मंत्री इन्हें लालची करार देते हुए अपना मानने से साफ इंकार किया था।
सूत्रों की मानें तो कांग्रेस सरकार में एसोसिएट सदस्य रहे निर्दलीय विधायकों के लिए कल का दिन आगे कुंआ पीछे खांई की स्थिति वाला रहने वाला है। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश भाजपा द्वारा की गई शिकायत पर कल निर्दलीय विधायकों के विरुद्ध फैसला आ सकता है यानि उन्हें सस्पेंड किया जा सकता है जिसके पश्चातचारों निर्दलीय विधायकों में से पांवटा साहिब के किरनेश जंग एवं पवन कजल की हालत कांग्रेस में दूध की मक्खी जैसी हो जायगी।

शेष दो निर्दलीय विधायक (चौपाल के बलबीर वर्मा एवं इंदौरा के मनोहर धीमान) की सेहत पर इसलिए कोई असर नहीं पड़ने वाला है  क्योंकि उन्होंने समय से पूर्व ही ने भाजपा का दामन थाम लिया था। अतः कांग्रेस टिकट की मंशा पाले किरनेश जंग एवं पवन कजल के आशाओं पर पानी फिरता साफ नजर आ रहा है। इस बात की पुष्टि स्वयं कांग्रेस संगठन एवं सरकार के मंत्री अभी हाल में ही यह कहकर कर चुके हैं कि निर्दलीय विधायक सरकार के साथ जुड़े रहे लेकिन कांग्रेस से इनका कोई वास्ता नहीं है। यह सब तो कांग्रेस के प्राथमिक सदस्य तक नहीं हैं। यह जब जीतकर आए थे तब भी कांग्रेस के नहीं थे और आज भी कांग्रेस के नहीं हैं। यह बात स्वयं सुक्खू ने कही कि यह चारों विधायक सरकार के साथ जुड़े जरूर हैं, लेकिन सरकार का हिस्सा नहीं हैं। इसके अलावा प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह भी आगे बढ़कर यह कहा कि निर्दलीय विधायक अपने लालच के लिए कांग्रेस सरकार के एसोसिएट बने थे।


कुलमिलाकर निर्दलीय विधायकों और कांग्रेस तथा सरकार से जुडे मसले पर भाजपा द्वारा दायर की गई शिकायत पर आने वाला फैसला निर्दलीय विधायकों खासकर किरनेश जंग और पवन कजल के लिए आगे कुंआ पीछे खांई की स्थिति उत्पन्न करने जैसा है।

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