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पांवटा में गरीब करते रहे फरियाद, परन्तु सोता रहा सूबे का मुखिया?

मुख्यमंत्री के समक्ष पत्रकारों के साथ सुरक्षाकर्मियों द्वारा धक्का-मुक्की और दुर्व्यवहार की कड़ी निंदा करते हुए सुखराम चैधरी ने कहा कि अंतिम समय में कांग्रेस सरकार अपना दिमांगी संतुलन भी खो बैठी है
पांवटा साहिब। सिरमौर में दो दिवसीय पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत सूबे के मुखिया यानि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह दौरे पर रहे और चुनावी लाभ बटोरने की मंशा से आचार संहिता लागू होने से पूर्व ही धड़ाधड़ हवा में ही घोषणाएं करने के उपरांत दूसरे दिन यानि कल सायं पांवटा लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में CM ने दो कीर्तमान रचे।
पहला यह कि क्षेत्र के लोग अपनी तरह-तरह की दिक्कतों-परेशानियों को लेकर उनके समक्ष मदद की गुहार लगाते रहे पर सूबे का मुखिया आराम से कुर्सी पर सोता रहा।


दूसरा यह कि जब कुछ पत्रकारों को इस बात का पता चला और उन्होंने चुनावी मौसम में सोते हुए सीएम की तस्वीरें खींचनी शुरू की तो सीएम के चाटुकार सुरक्षाकर्मियों ने पत्रकारों को धक्के देकर बाहर निकाल दिया।
अब जनता ही फैसला करे की जब लोकतंत्र के चौथे स्तंभ जनता की आवाज सरकार तक पंहुचाने वालों के साथ मुख्यमंत्री के सामने उनके चमचे और सुरक्षाकर्मी ऐसी गुण्डागर्दी करने में आमदा हो तो क्या ऐसे व्यक्ति को पुनः सत्ता पर जनता बिठायेगी? इस प्रश्न का जवाब आने वाले समय में जनता ही देगी।


मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के इस दौरे को फ्लाप दौरा करार देते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष एवं पूर्व सीपीएस चौधरी सुखराम ने कहा कि कांग्रेस सरकार अब अपने अंतिम दिनों में शिलान्यास और घोषणाएं करने में जुटी है लेकिन वीरभद्र सिंह को इससे कोई फायदा होने वाला नहीं है। क्योंकि भ्रष्ट सरकार अब जाने वाली है दो माह में सारी घोषणाएं हवाई किला ही साबित होंगी।
उन्होंने पांवटा रेस्ट हाउस में मुख्यमंत्री की सोती हुई तस्वीर खींचने वाले पत्रकारों को उनके सुरक्षाकर्मियों द्वारा धक्के मारने और बांह पकड़कर बाहर निकालने की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के साथ उनकी मौजूदगी में उनके सुरक्षाकर्मियों द्वारा धक्का-मुक्की और दुर्व्यवहार किया जाना इस बात का प्रमाण है कि अब अंतिम समय में कांग्रेस सरकार अपना दिमांगी संतुलन भी खो बैठी है।


हिमाचल यूथ बिग्रेड के अध्यक्ष इंन्दजीत सिंह मिक्का एवं चेयरमैन परमिन्दर सिंह पम्मी ने भी पत्रकारों के साथ सीएम के सुरक्षाकर्मियों द्वारा धक्के मारने और बांह पकड़कर बाहर निकालने की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पत्रकार समाज और सरकार की वास्तविक तस्वीर निष्पक्षता से प्रस्तुत करता है तथा सरकार और जनता के बीच सेतु का कार्य भी करता है। यूथ बिग्रेड ने सीएम के सुरक्षाकर्मियों द्वारा पत्रकारों के साथ धक्का-मुक्की और दुर्व्यवहार किये जाने की कड़ी निन्दा की है।

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