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हार के बाद कांग्रेसी हो गए हैं बेरोजगार: सुखराम

कहाः खनन माफिया, वन माफिया, हत्या व जंगलराज से परेशान लोग अब कांग्रेस से भजिया ही बिकवाएगें

पांवटा साहिब। पकौड़ा बेचना बुरी बात नहीं है परन्तु पकौड़ों की आड़ में राजनीतिक भजिया तलना कांग्रेस की प्रथा रही है। हिमाचल में जंगल राज, खनन माफिया, वन माफिया, ड्रग माफिया, महिला अपराध, हत्या और बदले की भावना से 5 साल तक लोगों को प्रताड़ित करने वाली कांग्रेस सरकार अपनी भ्रष्ट और काली करतूतों की वजह जहाँ सत्ता से सड़क पर है वहीं थाली के बैंगन प्रजाति वाले कांगे्रसियों को आज गली सड़क पर 5 रुपये की भजिया बेचनी पड़ रही है। प्रदेश में और खासकर पांवटा में कांग्रेस अपने कर्मों का फल भोग रही है। देश और प्रदेश में हमारे युवा बेरोजगार नहीं हुए अपितु मोदी के आह्वान ”कांग्रेस मुक्त भारत“ के बाद देश में कांग्रेस बेरोजगार हो गई है। पांवटा में कांग्रेस द्वारा पकौड़ा स्टाल लगाकर भाजपा की घेराबंदी किए जाने के जवाब में विधायक सुखराम चौधरी ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।


सनद रहे कि पकौड़ों के नाम पर इन दिनों देश के बाद कांग्रेस मुक्त राज्यों में राजनीतिक सरगर्मियां जहाँ तेज हैं वहीं पांवटा साहिब में भी 12 हजार 619 मतों की करारी पराजय से मूर्छित पड़े कांग्रेसियों नेे आज बेरोजगार पकौडा़ स्टाल के नाम पर राजनीतिक भजिया तलने और चाय के घूंट के साथ पराजय से उबरने का मौका तलाशा है जिस पर भाजपा के विधायक सुखराम चौधरी ने व्यंग्यात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मोदी जी को चायवाला-चायवाला कहकर कांग्रेस ने केन्द्र की कुर्सी गंवा दी, बदजुबानी थमी नहीं और गुजरात हार गए अब अब देश में सिर्फ 4-5 राज्यों में ही कांग्रेस बची है जो पकौड़ों की भेेंट चढ़ जानी है।

विधायक सुखराम ने कहा कि पकौड़ा बेचना बुरी बात नहीं है परन्तु पकौड़ों की आड़ में मोदी जी को भला बुरा कहना कांग्रेस की तुच्छ सोच रही है। उन्होंने कहा हिमाचल में भी जंगल राज, खनन माफिया, वन माफिया, ड्रग माफिया, महिला अपराध, हत्या और बदले की भावना से 5 साल तक लोगों को प्रताड़ित करने वाली कांग्रेस सरकार अपनी भ्रष्ट और काली करतूतों की वजह जहाँ सत्ता से सड़क पर है वहीं थाली के बैंगन प्रजाति वाले कांगे्रसियों को आज गली सड़क पर 5 रुपये की भजिया बेचनी पड़ रही है। प्रदेश में और खासकर पांवटा में कांग्रेस अपने कर्मों का फल भोग रही है। उन्होंने व्यंग कसते हुए कहा हिमाचल में 5 साल के लिए कांग्रेसियों द्वारा सड़क छाप पकौड़ी बेचने का एग्रीमेन्ट जनता ने दे दिया है और मिजाज ठीक न होने की सूरत में जनता यह एग्रीमेन्ट 10 साल के लिए भी तय कर सकती है।

ऐसे शुरू हुई पकौड़े की बात

पकौड़ों पर सियासत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एक बयान के बाद शुरू हुई। उनसे इंटरव्यू में सवाल पूछा गया कि “रोजगार के कितने अवसर भारत में आज सरकार सुलभ करा रही है?” इस प्रश्न का जवाब देते हुए पीएम मोदी ने कहा, “आपके दफ्तर के बाहर जो पकौड़े बेच रहा है, क्या वह रोजगार आपको नजर नहीं आ रहा है?” इसी हाजिरजवाबी के चलते पकौड़े पर सियासत शुरू हो गई है।

 

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